रतलाम. सांची दुग्ध संघ की जांच में 80 प्रतिशत सैंपल में मिलावट का मामला सामने आया है। दुग्ध संघ एक पिछले एक सप्ताह से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों के घरों में आ रहे फुटकर दूध की जांच कर रही है। संघ ने इस दौरान अब तक 890 सैंपल की जांच की है। इसमें 680 में पानी निकला है। यही नहीं एसएनएफ की मात्रा भी कम निकली है।
आज वकील कॉलोनी में जांच
सांची दुग्ध संघ की चलित लैब शनिवार को कालिकामाता मंदिर के पास वकील कॉलोनी में पहुंचेगी और फुटकर दूध की जांच करेगी।
जिले के 20 से ज्यादा गांवों में तैयार होता है मावा
मावा उत्पादक 20 से ज्यादा गांव हैं। इन गांवों में उंडवा, भैंसा डाबर, बोदीना, धौंसवास, ग्वालखेड़ी, मोरदा, रिंगनिया, रघुनाथगढ़, गुणावद, बरबोदना, सेमलिया, नामल आदि हैं। इन गांवों के 400 से ज्यादा किसान मावा उत्पादन में लगे हैं। रोजाना 50 क्विंटल से ज्यादा मावा तैयार होता है।
तहसील में दूध सस्ता और पानी भी कम
सांची दुग्ध संघ की लैब ने तहसील में पानी की मिलावट कम पाई है। लैब ने शुक्रवार को जावरा के घंटाघर चौराहा पर जांच की। यहां 102 सैंपल में 44 में ही पानी की मिला। वहीं फुटकर दूध 40 से 44 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
हम तो दूध अच्छा दे रहे हैं
दूध उत्पादक भरतलाल चौधरी ने बताया हम तो बढ़िया दूध दे रहे हैं और फैट भी सही है। जहां तक सांची दुग्ध संघ की चलित लैब की जांच की बात है तो वे कैसे सैंपल ले रहे हैं। जानकारी नहीं है।
जांच में पानी ज्यादा निकल रहा है
सांची दुग्ध संयत्र के मैनेजर आरके झा ने बताया लैब में जांच के दौरान 80 फीसदी सैंपल में फैट और एसएनएफ की मात्रा कम निकली है। यानी लोगों को पानी वाला दूध मिल रहा है।
दूध में ये होना चाहिए
फैट- दूध में 6.0 फीसदी फैट होना चाहिए। जबकि जांच के दौरान 1 से 4 फीसदी तक फैट निकल रहा है। कई सैंपल में तो इससे भी कम निकला है। यानी दूध में पानी ज्यादा है।
एसएनएफ (सालिड नॉट फैट)
दूध 8.6 फीसदी एसएनएफ होना चाहिए। लेकिन पानी की मात्रा ज्यादा होने से यह भी जांच में 6 से 8 फीसदी ही निकल रहा है। दूध में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड, विटामिन के लिए इसकी जांच की जाती है। लेकिन ज्यादा पानी होने से यह भी दूध में नहीं है।